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सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€, जानें इसके कारण, लकà¥à¤·à¤£ और उपचार
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ (à¤à¤¸à¤à¤®à¤) à¤à¤• आनà¥à¤µà¤‚शिक नà¥à¤¯à¥‚रोमसà¥à¤•à¥à¤²à¤° बीमारी है जिसके कारण मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और बेकार हो जाती हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोग रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ (मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸) में à¤à¤• विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤•ार की नरà¥à¤µ सेल खो देते हैं जो मांसपेशियों की गति को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है। इन मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ के बिना, मांसपेशियों को नरà¥à¤µ सिगà¥à¤¨à¤² पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं होते हैं जिनकी वजह से मांसपेशियों गतिमान होती हैं। à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ शबà¥à¤¦ à¤à¤• मेडिकल टरà¥à¤® है जिसका अरà¥à¤¥ है छोटा। सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ के साथ, कà¥à¤› मांसपेशियां उपयोग की कमी के कारण छोटी और कमजोर हो जाती हैं। यहां हम आपको सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ के कारण, लकà¥à¤·à¤£ और उपचार के बारे में बताने जा रहे है।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ कितनी आम है?
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ कितनी आम है?
संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में लगà¤à¤— 10,000 से 25,000 बचà¥à¤šà¥‡ और वयसà¥à¤• इस बीमारी से सफर कर रह रहे हैं। यह à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी है जो 6,000 से 10,000 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से लेकर दरà¥à¤¦ में राहत देता है कमल का फूल, जानिठइसके गà¥à¤£à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से लेकर दरà¥à¤¦ में राहत देता है कमल का फूल, जानिठइसके गà¥à¤£
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ किसे हो सकता है?
इस बीमारी से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मà¥à¤¯à¥‚टेड सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤µà¤² मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन 1 (à¤à¤¸à¤à¤®à¤1) जीन की दो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ विरासत में मिलती हैं। à¤à¤• डिफेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ जीन मां से आता है और दूसरा पिता से आता है। à¤à¤• वयसà¥à¤• के पास डिफेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ जीन की à¤à¤• कॉपी हो सकती है जो सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ का कारण बनती है।
रेटà¥à¤°à¥‹ वॉक हेलà¥à¤¥ के लिठहै फायदेमंद, जानें इसके फायदेरेटà¥à¤°à¥‹ वॉक हेलà¥à¤¥ के लिठहै फायदेमंद, जानें इसके फायदे
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ का कà¥à¤¯à¤¾ कारण है?
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ का कà¥à¤¯à¤¾ कारण है?
जो इस बीमारी से पीड़ित होते है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ या तो à¤à¤¸à¤à¤®à¤à¤¨1 जीन का हिसà¥à¤¸à¤¾ गायब होता हैं या उनमें à¤à¤• मà¥à¤¯à¥‚टेड जीन होता है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¤¸à¤à¤®à¤à¤¨ 1 जीन à¤à¤¸à¤à¤®à¤à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है। मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ को जीवित रहने और ठीक से काम करने के लिठइस पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। à¤à¤¸à¤à¤®à¤ वाले लोग परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¤¸à¤à¤®à¤à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ नहीं बनाते हैं, और इसलिठमोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ हैं और मर जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वो विशेष रूप से सिर, गरà¥à¤¦à¤¨, हाथ और पैरों में गति को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाते।
फैटी लीवर से जà¥à¥œà¥‡ इन मिथà¥à¤¸ को ना मानें सचफैटी लीवर से जà¥à¥œà¥‡ इन मिथà¥à¤¸ को ना मानें सच
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सामानà¥à¤¯ तौर पर, à¤à¤¸à¤à¤®à¤ वाले लोग मांसपेशियों के नियंतà¥à¤°à¤£, गति और ताकत में गिरावट का अनà¥à¤à¤µ करते हैं। उमà¥à¤° के साथ मांसपेशियों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ खराब होती जाती है। यह रोग धड़ और गरà¥à¤¦à¤¨ के सबसे निकट की मांसपेशियों को गंà¤à¥€à¤° रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। à¤à¤¸à¤à¤®à¤ वाले कà¥à¤› लोग चलने, बैठने और खड़े होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नहीं होते। जिसके बाद शरीर के धीरे-धीरे इन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ खो देते हैं।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ का निदान कैसे किया जाता है?
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ का निदान कैसे किया जाता है?
कà¥à¤› à¤à¤¸à¤à¤®à¤ लकà¥à¤·à¤£ मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ जैसे नà¥à¤¯à¥‚रोमसà¥à¤•à¥à¤²à¤° डिसऑरà¥à¤¡à¤° से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से मिलते जà¥à¤²à¤¤à¥‡ हैं। लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के कारण का पता लगाने के लिà¤, फिजिकल à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤® किया जाता है और मेडिकल हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ जानी जाती है। जिसके बाद बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ, जेनेटिक टेसà¥à¤Ÿ, नरà¥à¤µ कंडीशन टेसà¥à¤Ÿ और मसलà¥à¤¸ बायोपà¥à¤¸à¥€ कराई जाती है।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मसà¥à¤•à¥à¤²à¤° à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¥€ का उपचार कैसे किया जाता है?
à¤à¤¸à¤à¤®à¤ का कोई इलाज नहीं है। उपचार à¤à¤¸à¤à¤®à¤ के पà¥à¤°à¤•ार और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करते हैं। à¤à¤¸à¤à¤®à¤ वाले बहà¥à¤¤ से लोग फिजिकल और ओकà¥à¤¯à¥‚पेशनल थैरेपी और सहायक उपकरणों, जैसे कि आरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤œà¤¼, बैसाखी, वॉकर और वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° का सहारा लेते हैं।
ये उपचार à¤à¥€ मदद कर सकते हैं:
- डिज़ीज मोडिफाइंग थैरेपी: ये दवाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¤à¤®à¤à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को बढ़ावा देती हैं। नà¥à¤¯à¥‚सिनरà¥à¤¸à¤¨ 2 से 12 वरà¥à¤· की आयॠके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहै। इस दवाई को रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के आसपास के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में इंजेकà¥à¤Ÿ किया जाता है। à¤à¤• अलग दवा, रिसडापलम दो महीने से अधिक उमà¥à¤° के वयसà¥à¤•ों और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमददगार है।
- जीन रिपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट थेरेपी: दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• बार के इंटà¥à¤°à¤¾à¤µà¥‡à¤¨à¤¸ (IV) इंजेकà¥à¤¶à¤¨ से लाठहो सकता है, जिसे ओनासेमनोजीन à¤à¤¬à¥‡à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤µà¥‹à¤µà¥‡à¤•-xioi (ज़ोलगेनà¥à¤¸à¥à¤®à¤¾) कहा जाता है। यह थेरेपी डिफेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ à¤à¤¸à¤à¤®à¤à¤¨1 जीन को à¤à¤• कारà¥à¤¯à¤¶à¥€à¤² जीन से बदल देती है।
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